महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी थे। नीचे उनका जीवन परिचय बिंदु (List) और तालिका (Column) के रूप में दिया गया है:

📌 भगत सिंह का जीवन परिचय (महत्वपूर्ण बिंदु)

  • क्रांतिकारी विचार: वे छोटी उम्र से ही देशभक्ति के रंग में रंगे थे और महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने सशस्त्र क्रांति का रास्ता चुना।
  • प्रमुख संगठन: उन्होंने ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना की और बाद में ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) के मुख्य सदस्य बने।
  • लाला लाजपत राय का बदला: साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला लाजपत राय पर हुए लाठीचार्ज का बदला लेने के लिए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स को गोली मार दी।
  • असेंबली में बम विस्फोट: उन्होंने ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कानूनों (पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल) का विरोध करने के लिए सेंट्रल असेंबली में बम फेंका। उनका मकसद किसी को मारना नहीं, बल्कि सोती हुई ब्रिटिश सरकार को जगाना था।
  • इंकलाब जिंदाबाद: असेंबली में बम फेंकने के बाद वे भागे नहीं, बल्कि खुद को गिरफ्तार करवाया और “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा दिया।
  • जेल में भूख हड़ताल: जेल में भारतीय कैदियों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार के खिलाफ उन्होंने 64 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल की।
  • अंतिम समय: ब्रिटिश सरकार ने तय समय से एक दिन पहले ही उन्हें फांसी दे दी। हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर वे देश के लिए शहीद हो गए।

📊 जीवन परिचय तालिका (Column Format)

विवरणजानकारी
पूरा नामभगत सिंह
जन्म तिथि28 सितंबर, 1907
जन्म स्थानबंगा गाँव, लायलपुर जिला, पंजाब (अब पाकिस्तान में)
माता-पितामाता: विद्यावती, पिता: सरदार किशन सिंह
प्रसिद्धिशहीद-ए-आजम, महान क्रांतिकारी
मुख्य नारे“इंकलाब जिंदाबाद”, “साम्राज्यवाद का नाश हो”
प्रसिद्ध पुस्तकें/लेख‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ (Why I am an Atheist)
शहीद दिवस / मृत्यु23 मार्च, 1931 (उम्र 23 वर्ष), लाहौर सेंट्रल जेल
फांसी के साथीशिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर

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